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विजन
निगम की व्यवहार्यता निरंतर बनाए रखने के लिए स्वस्थ वाणिज्यिक सिद्धांतों की आधार-शिला पर मानवीय कुशलता एवं मनोभावों के साथ विकास की संभावनाओं को पुनर्गठित कर भविष्य की जलविद्युत ऊîर्जा के अपार संसाधनों के रूप में भारत को विश्वपटल पर प्रस्तुत करना।

मिशन
हिमाचल प्रदेश में सतलुज नदी की घाटी में तथा भारत एवं विदेश में किसी भी अन्य स्थान पर जल विद्युत परियोजनाओं की आयोजना कर उनके सर्वेक्षण से लेकर निर्माण तक के कार्य पूरे करना एवं रखरखाव तथा उनका परिचालन करना।

उक्त मिशन के अनुसरण में कंपनी ने अपने लिए निम्नलिखित कारपोरेट उद्देश्य निर्धारित किए हैं:

  • अपनी पूर्ण निष्पादन क्षमता से पॉवर स्टेशनों का परिचालन एवं रख-रखाव ।
  • स्वस्थ व्यवसाय, वित्तीय तथा विनियामक संबंधी नीतियों का निर्धारण तथा उनका अनुपालन करना।

  • अन्य जल विद्युत परियोजनाएं हाथ में लेना।

  • एसजेवीएन को आबंटित नई परियोनओं को कुशलतापूर्वक एवं मितव्ययी ढंग से पूरा करना।

  • अंतर्राष्ट्रीय तौर पर प्रयुक्त हो रही नवीनतम परियोजना प्रबंधन तकनीकें अपनाकर और अतिरिक्त प्रशिक्षण के जरिए अपने इंजीनियरों को प्रमाणीकृत परियोजना प्रबंधक बनने में सक्षम बनाकर परियोजना क्रियान्वयन के लिए सर्वोत्तम परियोजना प्रबंधन नीतियों का प्रयोग करना।

  • निगम के भीतर उपलब्ध तकनीकी एवं प्रबंधकीय विशेषज्ञता को अन्य संगठनों/परियोजनाओं तक पहुंचाने के लिए इनका प्रचार-प्रसार करना।

  • सहभागिता प्रबंधन की विचारधारा के अनुरूप संगठन एवं कर्मचारियों दोनों के बहुमुखी विकास एवं उत्थान के लिए अनुकूल वातावरण बनाना।

  • समाज के प्रति अपने दायित्वों को पूरा करना तथा संबंधित संगठनों एवं शेयरधारको के साथ व्यवसायिक संबंधों को सुदृढ़ बनाते हुए उनका रचनात्मक एवं सकारात्माक सहयोग प्राप्त करने का प्रयास करना।

  • सामाजिक परिस्थतियों एवं पर्यावरण को क्षति से बचाते हुए परियोजना को साफ-सुथरा बनाए रखने का प्रयास करना।

  • कंपनी को नवरत्न की श्रेणी में लाने के प्रयास करना।

पुनर्वास एवं राहत संबंधी नागरिक घोषणा-पत्र
राहत एवं पुनर्वास नीति को क्रियान्वित करने का उत्तरदायित्व

  • भूमि-अधिग्रहण के समय तैयार किए गए एवं वर्तमान में क्रियान्वित राहत पुनर्वास पैकेज को शीघ्र पूरा करना।

  • परियोजना से प्रभावित उन लोगों को सहायत प्रदान करना जिनकी गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले लोगों के रूप में पहचान की गई है ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके।

  • परियोजना सेप्रभावित ग्रामों में आधारभूत सुविधाओं में सुधार करना।

  • परियोजना से प्रभावित/स्थानीय जनता की स्वास्थय संबंधी आवश्यकताओं में सुधार लाने के लिए उपाय करना।

  • राहत एवं पुनर्वास गतिविधियों को सुचारू रूप से लागू करने के लिए पर्यावरण तथा राहत एवं पुनर्वास विभाग की क्षमता को बढ़ाना।

  • यह सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास करना कि हमारी गतिविधियों से परियोजना प्रभावित व्यक्तियों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। जहां तक संभव हो प्राकृतिक संसाधन नष्ट न हो एवं वातावरण प्रदूषित न हो।

  • हमारा यह विशेष प्रयास होगा कि सांविधिक आवश्यकताओं के अनुसार हम परियोजना से प्रभावित परिवारों के प्रति उदार व्यवहार करते हुए सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से अपने दायित्वों को पूरा करें।

  • हमारा यह भी प्रयास होगा कि हम शिक्षा, परिवार कल्याण, ऊर्जा संरक्षण तथा आधारभूत आवश्यकताओं सहित विकास के क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका पर बल दें।

बाह्य परिवर्तन
पुनर्वास एवं राहत संबंधी कार्यों का निष्पादन विश्व की देखरेख में हो रहा है। विश्व बैंक के अलावा राज्य स्तर तथा भारत सरकार के स्तर पर क्रमश : जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, कृषि एवं बागवानी विभाग तथा विद्युत मंत्रालय, ग्रामीण विकास तथा पर्यावरण वन मंत्रालय जैसी बाह्य एजेंसियां सम्मिलित हैं।

राहत एवं पुनर्वास संबंधी नीति-निर्देश

क) ऐसे परियोजना प्रभावित व्यक्तियों/परिवारों को राहत एवं पुनर्वास सहायता करने का उत्तरदायित्व सतलुज जल विद्युत निगम का है जो अपने व्यक्तिगत संसाधनों अथवा उन्हें दी गई क्षतिपूर्ति राशि से अपना पुनर्वास करने में असमर्थ हैं। व्यक्तिगत लाभ प्राप्त करने हेतु पात्रता संबंधी शर्तें समय-समय पर लागू राहत एवं पुनर्वास नीति में दी गई हैं।

ख) राहत एवं पुनर्वास संबंधी लाभ प्राप्त संबंधी योग्यता एवं विशिष्ट हकदारी संबंधी परिभाषा एवं पुनर्वास नीति के संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत दी गई है।

ग) राहत संबंधी लाभ उन विस्थापित लोगों को उपलब्ध होंगे जिनके आवास भूमि-अधिग्रहण अधिनियम, 1984 रे अंतर्गत अनिवार्य रूप से अधिग्रहीत किए गए हैं।

घ) राहत संबंधी लक्ष्य उन विस्थापितों को ही उपलब्ध होंगे जिनकी जमीन भूमि-अधिग्रहण अधिनियम, 1984 के अंतर्गत अधिग्रहीत की गई, जिसके परिणामस्वरूप उनकी जीविका छिन गई।

राहत एवं पुनर्वास योजना में भाग लेने के लिए गठित संस्था
प्रभावित आबादी के साथ मंत्रणा सहभागिता के आधार पर की जाती है जिसके लिए कई संस्थाएं गठित की गई हैं, विभिन्न उपलब्ध फोरमें निम्नलिखित हैं :-

  • सामाजिक-आर्थिक सर्वक्षण
  • सूचना केन्द्र

सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण (एसईएस)
सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण के एक भाग के रूप में परियोजना प्रभावित व्यक्तियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई जिससे उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति का पता चल सके, साथ ही परियोजना के कारण उनकी स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ा तथा उनकी योग्यता एवं अनुभव के आधार पर उनके पुनर्वास किए जाने के अवसरों का पता लगाया जा सके। साक्षात्कारों एवं चर्चाओं के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण विस्तृत रूप से यह भी अध्ययन कर रहा है कि भावी परियोजनाओं का क्षेत्र पर तथा लोगों पर क्या प्रभाव पड़ेगा तथा पुनर्वास के लिए परियोजना व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए किस विकल्प में रूचि होगी। इस प्रकार के अध्ययन परियोजना प्रभावित व्यक्तियों के लिए आय के साधन जुटाने संबंधी उपायों के अतिरिक्त क्षेत्र के विकास सहित सामुदायिक विकास (शिक्षा एवं चिकित्सा) संबंधी उपायों को सम्मिलित करते हुए व्यवहारिक उपचार कार्य योजना (रेमेडियल एक्शन प्लान) तैयार करने में सहायक होते हैं।

जनसूचना केन्द्र (पीआईसी)
पारदर्शिता बनाए रखने तथा परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को सतत सूचना उपलब्ध कराए जाने की दृष्टि से सतलुज जल विद्युत निगम ने परियोजना स्थलों पर जन सूचना केन्द्रों की स्थापना की है। इन केन्द्रों पर सभी प्रकार के दस्तावेज जैसे-सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट, राहत एवं पुनर्वास योजनाए/उपचार कार्य योजनाएं, नीतियां तथा अन्य संबंधित दस्तावेज जनता के अवलोकनार्थ रखे गए हैं। परियोजना से प्रभावित व्यक्ति किसी भी दस्तावेज को देख सकते हैं तथा अपना प्रश्न अथवा अपनी शिकायतें जनसूचना केन्द्र में रखे रजिस्टर में दर्ज कर सकते हैं। परियोजना प्रभावित व्यक्तयों से चर्चा करने एवं उनकी शिकायतों को सुनने तथा उन्हें दस्तावेजों की जानकारी देने के लिए जनसूचना केन्द्रों पर राहत एवं पुनर्वास अधिकारी उपलब्ध हैं।

परियोजना-प्रभावित व्यक्तियों के लिए आय-अर्जन की योजना
आय-अर्जन की इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य गरीबी-रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले विशेष रूप से ऐसे वर्गों (अनु.जाति, अनु.जनजाति के व्यक्ति जिनकी मुखिया महिलाएं हैं) को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। ये योजनाएं परियोजना विशेष के लिए अलग-अलग होगी।

परियोजना प्रभावित व्यक्तियों के लिए आय-अर्जन की इस योजना के अंतर्गत निम्नलिखित व्यावसायिक गतिविधियां सम्मिलित हैं:

  1. टैक्सी चलाना
  2. मधुमक्खी पालन
  3. मुर्गी पालन
  4. दुग्ध पालन
  5. बुनाई इकाई
  6. हथकरघा
  7. बेकरी
  8. कुटीर उद्योग
  9. कोई अन्य (दुकान आदि)

लाइसेंस/परमिट/रजिस्ट्रेशन/कर
योजना के अंतर्गत आवेदन करने वाले व्यक्ति को व्यवसाय के लिए आवश्यक किसी भी प्रकार का सांविधिक लाइसेंस /परमिट/रजिस्ट्रेशन का प्रबंध स्वयं ही प्राप्त करना होगा तथा नियमानुसार करों का भुगतान करना होगा।

आवेदन कर्ताओं को अपने आवेदन निर्धारित प्रोफार्मा में भरने होंगे। इनका उद्देश्य केवल पात्र उम्मीदवारों की छंटनी कर आगे की कार्रवाई के लिए भेजा जाना है। आवेदन-पत्र जमा करा दिए जाने का अर्थ यह नहीं लगाया जाना जाहिए कि आवेदन कर्ताओं की उम्मीदवारों को स्वीकार कर लिया गया है।

यह योजना परियोजना प्रभावित परिवारों के कल्याण-स्वरूप है तथा इससे परियोजना प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता प्राप्त करने का कोई अधिकार नहीं है।

योजना के कार्यान्वयन के संबंध में सतलुज जल विद्युत निगम के प्रबंधन का निर्णय अंतिम एवं बाध्यकार होगा।

शिकायत निवारण तंत्र
कामकाजी हालात, प्रबंधकीय फैसलों आदि के विरूद्ध असंतोष के रूप में कर्मचारियों की शिकायतें समय रहते उचित समाधान न किए जाने पर कभी-कभी गंभीर रूप धारण कर लेती हैं। कंपनी की नीतियों/नियमों, देय की वसूली, कामकाजी हालात, अवकाश, नियमानुसार मिलने वाले लाभों को करने, सेवा नियमों की व्याख्या करने और इसी तरह के मामलों के क्रियन्वयन के फलस्वरूप उत्पन्न होने वाली शिकायतों के हल के लिए एक औपचारिक शिकायत निवारण तंत्र मौजूद है। इस हेतु तैयार की गई प्रक्रिया का उद्देश्य लिखित रूप में की गई शिकायत को एक निश्चित सीमा में हल करना है। इस प्रक्रिया में विभिन्न चरण भी हैं जिनसे पीड़ित कर्मचारी को अपनी शिकायत को, यहां तक कि उच्च प्राधिकारियों से भी, हल कराने का अवसर मिलता है।

जन अंतरापृष्ठ

  • भूमि अधिग्रहण एवं तत्संबंधी क्षतिपूर्ति।
  • ग्रामीण विकास एवं सलाहकार समिति का गठन
  • जनसूचना केन्द्र पर सूचनाएं उपलब्ध होना।
  • राहत स्थान।
  • पुनर्वास संबंधी लाभ।
  • गांवों में सामुदायिक संरचना।
  • राहत एवं पुनर्वास लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता।
  • शिकायत निवारण उपाय।

बाह्य एजेंसियां
पुनर्वास एवं राहत संबंधी कार्यों का निष्पादन विश्व बैंक की देखरेख में हो रहा है। विश्व बैंक के अलावा राज्य स्तर तथा भारत सरकार के स्तर पर क्रमश: जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, कृषि एवं बागवानी विभाग तथा विद्युत मंत्रालय, ग्रामीण विकास तथा पर्यावरण वन मंत्रालय जैसी बाह्य एजेंसियां सम्मिलित हैं।

आम जनता के प्रति वचनबद्धता
निम्नलिखित के संबंध में निगम आम जनता के प्रति वचनबद्ध है:-

  1. ईमानदारी एवं निष्पक्ष भाव से जनता की सेवा करना।

  2. सभी प्रकार के कार्यों में पारदर्शित सहित समयबद्ध कार्य करना।

  3. एक ही प्रकार के मामलों में किसी भी मामले को स्वीकार करने या अस्वीकार करने का आधार बताना अथवा इस संबंध में इस प्रकार की नीति अपनाने के कारण स्पश्ट करते हुए (जहां आवश्यक हो) सूचना उपलब्ध कराना।

  4. जन सेवाओं के संबंध में व्यक्तियों के पास प्राय: बहुत विकल्प नहीं होते हैं। घोषणा अनुसार हम कोई सेवा उपलब्ध करवाने में असमर्थ रहते हैं तो स्थिति बिगड़ने पर हम शीघ्र ही स्पष्टीकरण देते हुए क्षमा मांग लेंगे।

  5. निगम द्वारा सुप्रचारित शिकायत प्रणाली कार्यान्वित की जाएगी ताकि जनता इसका सरतला से उपयोग कर सके तथा जहां तक संभव होगा स्वतंत्र रूप से इसकी समीक्षा किए जाने के प्रयास किए जाएंगे। परिणामस्वरूप जनता शिकायत करने से डरे नहीं।

  6. हमारा यह हर संभव प्रयास होगा कि जनसुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी भी व्यक्ति के साथ जाति, रंग, लिंग, भेद अथवा मानसिक या शारीरिक अपंगता के आधार पर कोई भादभाव न हो।

  7. हम प्रत्येक व्यक्ति तथा वर्ग के अधिकारों का सम्मान करेंगे, कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास करेंगे तथा यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी शक्तिशाली वर्ग द्वारा कमजोर वर्ग के लोगों का शोषण न हो।

  8. हम लोगों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा कानून के नियमों का सम्मान करेंगे।

अन्य फोरम
प्रबंधन और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों को मिलाकर प्रत्येक स्तर पर कई द्विपक्षी का गठन किया गया है। इन फोरमों के साथ उत्पादन केन्द्रों और कार्पोरेट कार्यालय में अलग-अलग तिमाही बैठकें आयोजित की जाती हैं। कार्पोरेट कार्यालय में निदेशक (कार्मिक) की अध्यक्षता में हर छ: महीने में एक बार ऐसी बैठकें आयोजित की जाती हैं। इस विचार-विमर्श में मुख्य जोर नीतियों के साथ-साथ उत्पादन और कुशलता बढ़ाने का माहौल सुधारने जैसे मुद्दों पर होता है। उक्त के अतिरिक्त कर्मचारियों की समृद्धि हेतु संगठन का माहौल और उत्पादकता सुधारने की दृष्टि से कर्मचारियों के सुझाव/प्रतिक्रियाएं प्राप्त करने के लिए कार्पोरेट कार्यालय और उत्पादन केन्द्रों में प्रत्येक कार्य से संबंधित टीम के साथ छह माह में एक बार अलग-अलग खुले मंच का आयोजन कर विचार-विमर्श किया जाता है।

सूचना का अधिकार अधिनियम 2005
भारत सरकार और प्रत्येक सरकार के एक संयुक्त उपक्रम सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (एसजेवीएन) ने देश के नागरिकों को अधिनियम के अनुसार सूचना उपलब्ध कराने हेतु प्रभावी कदम उठाए हैं। अन्य संबंधित अनुभागों के साथ एसजेवीएन की इस आधिकारिक वेबसाइट में अधिनियम के भाग 4 के तहत यथा अपेक्षित प्रकाशनीय सूचना निहित है।

एक जन प्राधिकारण के रूप में सतलुज जल विद्युत निगम ने बोर्ड स्तर के निदेशक (कार्मिक) प्राधिकारी और निम्नलिखित को जन सूचना अधिकारी और सहायक जन सूचना अधिकारी अभिनामित किया है:

जन सूचना अधिकारी

क्रं.सं.

नाम

पदनाम/स्थान

पता

दूरभाष संख्या

1. श्री डी.सर्वेश्वर उप महाप्रबंधक
(का. एवं प्रशा.)
एसजेवीएन लिमिटेड, कारपोरेट एवं पंजीकृत कार्यालय, हिमफेड भवन, न्यू शिमला-171009 (हि.प्र) 0177-2670265
2. श्री ए.के.मुखर्जी अपर महाप्रबंधक 
(का. एवं प्रशा.)     एनजेएचपीएस
नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट, पी.ओ.-झाकड़ी,
जिला-शिमला (हि.प्र)
01782-275461
3. आर आर सिन्हा उप महाप्रबंधक
(का. एवं प्रशा.) आरएचईपी एवं  केएचईपी
रामपुर हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट, जिला-शिमला, (हि.प्र) 01782-275202
4. श्री मुकुल तिरकी उप महाप्रबंधक
(का. एवं प्रशा.) एलएचईपी
लूहरी हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट, पी.ओ.-सुन्नी,
जिला-शिमला
0177-26786586
5.   उप महाप्रबंधक
(आई/सी) डीएचपी
देवसरी जलविद्युत परियोजना, थराली, उत्तराखण्ड
 
01363-271477
6. प्रवीण गुप्ता उप महाप्रबंधक
(आई/सी) जे एस एवं एन एम
जेएस एवं एनएम  जलविद्युत परियोजना, पी ओ मोरी उत्तरकाशी (उत्तराखण्ड) 01373-234370

सहायक जन सूचना अधिकारी

क्रं.सं.

नाम

पदनाम/स्थान

पता

दूरभाष संख्या

1 श्री आशीष पंत उप प्रबंधक (जनसंपर्क) एसजेवीएन लिमिटेड, एक्सपीडाइटिंग कार्यालय, उत्तरांचल 209, फेस-1, 
वसंत विहार, देहरादून
0135-5532138
2 श्री मनीष शर्मा जनसूचना अधिकारी/ देहरादून एसजेवीएन लिमिटेड, कार्पोरेट एवं पंजीकृत कार्यालय, हिमफेड भवन, 
न्यू शिमला-171009 (हि.प्र.)
0177-2670011

प्राप्त आवेदनों की समुचित प्रोसेसिंग करके संबंधित व्यक्तियों/एजेंसियों को समुचित उत्तर भेजा जाता है। आवेदन-पत्र भरने, फॉर्मेट, आवेदन-शुल्क भुगतान के प्रकार आदि से संबंधित विस्तृत प्रक्रिया अपील प्राधिकारी के विवरण सहित हमारी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रदर्शित की गई है।

समीक्षा
उक्त नीति तथा दिशा-निर्देश आगामी प्रभाव से लागू होंगे तथा इनकी आवधिक समीक्षा की जाएगी। इनके क्रियान्वयन के दौरान प्राप्त अनुभवों के आधार पर आवश्यकता पड़ने पर इनमें उचित संशोधन किए जाएंगे। तथापि, यह समीक्षा छ: माह से पहले नहीं होगी।

निम्न विवरणानुसार जन-शिकायत अधिकारी किसी भी प्रकार के स्पष्टीकरण/शिकायतों के निपटान/शिकायतें प्राप्त करने तथा शिकायतें सुनने के लिए प्रत्येक बुधवार को प्रात:10.00 बजे से लेकर दोपहर 1.00 बजे तक उपलब्ध रहेंगे।

1.परियोजना स्थल:

श्री ए.के.मुखर्जी
अपर महाप्रबंधक (का.एवं प्रशा),
एसजेवीएन, का.एवं प्रशा.विभाग, झाकड़ी
दूरभाष:01782-275461
फैक्स:01782-275317

2. कार्पोरेट कार्यालय:

श्री डी.सर्वेश्वर
उप महाप्रबंधक(का.एवं प्रशा.)
जन शिकायत अधिकारी, हिमफेड भवन एसजेवीएन, न्यू शिमला
दूरभाष संख्या: 01770030,
फैक्स: 0177-2670265

   

सर्वाधिकार सुरक्षित एसजेवीएन लिमिटेड