उपक्रम

पहल

ग्रीन कॉर्पोरेट परिदृश्य

परियोजना निर्माण स्थलों पर परिदृश्य को पुनः प्राप्त करने के लिए, जैसे कि रामपुर जल विद्युत परियोजना के क्षेपण क्षेत्र 1 और 2 पर पायलट वर्क्स; बायल में विद्युत ग्रह/झाकड़ी में इन्टेक स्ट्रक्चर के आस पास, इत्यादि हेतु, एसजेवीएन ने पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता स्वरुप भू-हरित अपरदन नियंत्रण आवरण आरम्भ किया है, जिसके द्वारा गहरी खुदाई से निकली मिट्टी पर बनस्पति को पकड़ बनाने में सक्षम किया जाता है।

नारियल के रेशे से बना यह आवरण पानी को न केवल लम्बे समय तक धारित करता है बल्कि कुछ अवधि में प्राकृतिक खाद बनाकर मिट्टी के साथ पूरी तरह घुल मिल जाता है।

परियोजनाओं की गहरी सुरंगों से निकली चट्टानी मिट्टी तथा अन्या मलवा पादप विकास के लिए सामान्यीतः तब तक प्रतिकूल होता है जब तक कि एक लंबी अवधि में अपक्षय द्वारा यह मलवा डंप स्थालों में पादप विकास के लायक नहीं हो जाता।

Green carpet landscapes

इतनी प्रतिकूल मृदा परिस्थितियों में प्राकृतिक पुनर्जीवन को सफल करने के लिए कम से कम दो विकास ऋतुओं की जरूरत होती है।

पुनः वनस्परति उगानेकी समस्याओं से निपटने हेतु, ढलानों को स्थिर करने तथा कटाव को रोकने हेतु मलबा निपटान स्थजलों की ढलानों को उसके ऊपर उपजाऊ मिट्टी की एक परत लगाई जाती है।

Green carpet landscapesGreen carpet landscapes

उपजाऊ ऊपरी परत तैयारकरने के लिए, पूर्व मिश्रित मिट्टी का आयात करके इसे मौजूदा मिट्टी के साथ 60:40 के अनुपात में मिलाया जाता है तथा उपजाऊ पादप पोषक मिट्टी की परत हासिल करने के लिए इसमें खाद मिलाई जाती है।

ढलानोंपर भू-हरित अपरदन नियंत्रण आवरण को बिछाने से पहले ऊपरी परत में स्थाेनीय प्रचलित प्रजाति के पौधों के बीज मिलाए जाते हैं।

बीज रोपने के अतिरिक्तथ महेंदू, सिल्वर ओक, बोगनवेलिया तथा सूबबूल, जैसी प्रजातियों के पौधे उपचारित ढलानों पर लगाए जाते हैं।

नियमित रूप से छः माह तक पानी लगाने के बाद मौजूदा मलबा निपटान स्थकल के निशान मिटते जाते हैं तथा ढलानें हरी हो जाती हैं और परिदृश्य में मिल जाती है।

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तीखी ढलान तथा विभिन्नल मौसमीय हालातों का सामना कर सकने के लिए, भू-हरित अपरदन नियंत्रण आवरण, जैविक रूप से नष्टर हो सकने वाले नारियल के रेशे एवं उच्चस घनत्वे वाले पोली इयूथरीन (HDPE) से प्रबलित करके बनाया जाता है।

हरित आवरण का डिजाईन तथा विकास, भूमि कटाव पर नियंत्रण तथा ढलान स्थिरिकरण मे आने वाली समस्याओं के उपायों को ध्यान में रखकर किया जाता है।

पुरस्कार और उपलब्धियां

सीआईडीसी विश्वकर्मा अवार्ड

रामपुर जल विद्युत स्टेरशन को निर्माणकार्य के दौरान स्वामस्य्म् , सुरक्षा एवं पर्यावरण के क्षेत्र में प्राप्तो उपलब्धियों के लिए लगातार दो वर्षों तक (2013 एवं 2014) प्रतिष्ठित विश्वसकर्मा अवार्ड से सम्माननित किया गया है।

ग्रीनटेक गोलड अवार्ड

एसजेवीएन ने अपनी पर्यावरणीय गति‍विधियों हेतु सम्मा्न स्व्रूप वर्ष 2008, 2010 तथा 2013 में जलविद्युत क्षेत्र में ''पर्यावरण उत्कृीष्ट ता के लिए ग्रीनटेक गोल्डि अवार्ड''प्राप्त किया।

ग्रीनटेक सिल्वर अवार्ड

एसजेवीएन ने रामपुर एवं नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेतशन में पर्यावरण प्रबंधन गतिविधियों के लिए वर्ष 2004 से 2007 तथा वर्ष 2009 से 2012 तक ''पर्यावरण उत्कृंष्टपता के लिए ग्रीनटेक सिल्विर अवार्ड'' प्राप्त किया है।.

ग्रीनटेक ब्रॉन्ज़ अवार्ड

एसजेवीएन ने रामपुर जलविद्युत स्टेृशन में पर्यावरण प्रबंधन गतिविधियों के लिए वर्ष 2006 एवं 2007 हेतु जल विद्युत क्षेत्र में ''पर्यावरण उत्कृयष्टलता के लिए ग्रीनटेक ब्रॉन्ज़ि अवार्ड'' प्राप्त किया है।

पर्यावरण गोलडर अवार्ड

एसजेवीएन ने मई,2005 में जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल इंटरनेशनल ग्रीन लैंड सोसायटी, हैदराबाद द्वारा ''उत्कृष्टे पर्यावरण एवं पारिस्थितिक कार्यान्व यन गोल्डव अवार्ड'' भी प्राप्तन किया है।

गोल्ड्न पिकॉक अवार्ड

एसजेवीएन ने दिनांक 11 जून,2004 को विश्वध पर्यावरण फाऊंडेशन, नई दिल्ली से नाथपा झाकड़ी जल विद्युत परियोजना की पर्यावरण प्रबंधन योजना के तहत मलबा निपटान स्थ0ल के पूर्णउद्धार तथा पूर्णउपयोग की गतिविधि के लिए गोल्डीन पिकॉक ईको-इनोवेशन अवार्ड प्राप्त किया है।

IS/ISO 14001: पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली

हमारी प्रचालनाधीन परियोजनाएं आईएस/आईएसओ 14001 का अनुपालन कर रही हैं।

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