समाचार विस्तार से | एसजेवीएन लिमिटेड
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प्रेस कॉन्फ्रेंस का पृष्ठभूमि I

सितम्बर 26, 2018

एसजेवीएन लिमिटेड

भारत सरकार तथा हिमाचल प्रदेश सरकार के संयुक्‍त उपक्रम के रूप में भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के अधीन एसजेवीएन की स्‍थापना 24मई,1988में हुई I  एसजेवीएन एक मिनी रत्‍नः 'श्रेणी-I तथा शेड्यूल '' सीपीएसई है और आज की तिथि में सूचीबद्ध कंपनी है जिसमें भारत सरकार की 63.79%, हिमाचल प्रदेश सरकार की 26.85% तथा आम जनता की 9.37% शेयरधारिता है I

एसजेवीएन हिमाचल प्रदेश में एकल परियोजना 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्‍टेशन, जो वर्ष 2003-04 में कमीशन किया गया, से शुरूआत कर अब विभिन्‍न राज्‍यों में पांच परियोजनाएं नामतः हिमाचल प्रदेश में412 मेगावाट रामपुर जलविद्युत स्‍टेशन, महाराष्‍ट्र में 47.6मेगावाट खिरवीरे पवन विद्युत स्‍टेशन, गुजरात में 5.6 मेगावाट चारंका सौर विद्युत स्‍टेशन तथा गुजरात में 50 मेगावाट साडला पवन विद्युत परियोजना में 38 मेगावाट (प्रत्‍येक 2 मेगावाट क्षमता की 19 उत्‍पादन इकाईयां) परिचालित कर रहा है I  एसजेवीएन पड़ोसी देशों नेपाल और भूटान के अतिरिक्‍त हिमाचल प्रदेश, उत्‍तराखंड, बिहार और गुजरात में विद्युत परियोजनाओं का निर्माण कर रहा है I  कंपनी की वर्तमान स्‍थापित क्षमता 2003.2 मेगावाट(1912 मेगावाट जलविद्युत + 85.6 मेगावाट पवन विद्युत + 5.6मेगावाट सौर विद्युत)से युक्‍त है I  एसजेवीएन नेपाल और भारत के बीच बिजली के कारोबार के लिए 400 केवी ट्रांसमिशन लाईन (86कि.मी.) के प्रचालन के साथ विद्युत ट्रांसमिशन में भी उतर गया है I

 

गत तीन दशकों की अपनी यात्रा के दौरान एसजेवीएन ने अपने फलक का विस्‍तार करते हुए स्‍वयं को एक पूर्णतः विविधीकृत अंतर्राष्‍ट्रीय विद्युत क्षेत्र कंपनी के रूप में विकसित कर लिया है जो विद्युत ट्रांसमिशन लाईनों के जरिए बिजली की निकासी के अलावा सभी प्रकार के पारंपरिक एवं अपारंपरिक ऊर्जा स्‍त्रोतों से बिजली पैदा कर सकने में सक्षम है I

 

वर्तमान में कंपनी विकास की विभिन्‍न अवस्‍थाओं में विद्युत परियोजनाओं का निर्माण कर रही है जिनकी कुल स्‍थापित क्षमता 4018 मेगावाट (1572मेगावाट निर्माणाधीन, 1848मेगावाट निर्माण पूर्व एवं निवेश अनुमोदनाधीन तथा 598मेगावाट अन्‍वेषणाधीन) है I एसजेवीएन ने सांगठनिक रूप से विस्‍तार और विविधीकरण करके अपना आधार एकल परियोजना से बहु-परियोजना कर लिया है और एकल राज्‍य से अपनी उपस्थिति अखिल भारतीय करके पड़ोसी देशों नेपाल और भूटान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई हैI कंपनी के पास अंतर्राष्ट्रीय ख्याति की विशाल परियोजनाएं है और अभूतपूर्व उन्नति के पथ पर तेजी से अग्रसर है ।

 

एसजेवीएन ने वर्ष 2022-23तक5000 मेगावाट,वर्ष  2030 तक 12000 मेगावाट और वर्ष  2040 तक 25000 मेगावाट की स्थापित क्षमता के लक्ष्य से युक्त आंतरिक उन्नति के लक्ष्य परिकल्पित किए है ।

 

अधीनस्‍थ कंपनियां

(i)        एसजेवीएन अरुण-3 पावर डेवल्‍पमेंट कंपनी प्रा. लि. (एसएपीडीसी) एसजेवीएन की एक पूर्ण स्‍वामित्‍व वाली कंपनी है जिसकी स्‍थापना नेपाल में हुई है I  यह कंपनी नेपाल के संखुवासभा जिले में 900मेगावाट अरुण-3जलविद्युत परियोजना के निर्माणार्थ  स्‍थापित की गई है I

(ii)       एसजेवीएन थर्मल प्रा. लिमिटेड (एसटीपीएल)एक पूर्ण स्‍वामित्‍व वाली कंपनी है जिसकी स्‍थापना बिहार के बक्‍सर जिले में स्थित 1320 मेगावाट बक्‍सर ताप विद्युत परियोजना के निर्माणार्थ की गई है I

 

संयुक्‍त उपक्रम 

(i)        क्रॉस बार्डर पावर ट्रांसमिशन कंपनी लि. (सीपीटीसी) नेपाल से ट्रांसमिशन लाइन (भारतीय हिस्से) के निर्माणार्थ पावर ग्रिड,आईएलएंडएफएस एनर्जी डेवल्‍पमेंट कंपनी लि. तथा नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (एनईए) के साथ एसजेवीएन का एक संयुक्‍त उपक्रम हैI  सीपीटीसी मुजफ्फरपुर से नेपाल कनेक्‍शन बिन्‍दु तक 86कि.मी. लंबी ट्वीन मूस, 400केवी डी/सी पारेषण लाईन तथा मुजफ्फरपुर उप केन्‍द्र पर एक बे एक्‍सटेंशन का निर्माण और अनुरक्षण करेगी I  

(ii)       खोलोंग्‍चू हाईड्रो एनर्जी लि. (केएचईएल) भूटान में 600 मेगावाट खोलोंग्‍चू जलविद्युत परियोजना का निर्माण एसजेवीएन तथा ड्रक ग्रीन पावर कारपोरेशन, (डीजीपीसी) भूटान के एक संयुक्‍त उपक्रम केएचईएल द्वारा किया जा रहा है I विकास की विभिन्‍न अवस्‍थाओं के अधीन परियेाजनाओं की स्थिति नीचे सारणी-क‍ में दी गई हैः

                                                                                                                   सारणी क

क्र.सं.

परियोजना की स्थिति

संख्‍या

क्षमता

प्रचालनाधीन

5

1

2003.2 मेगावाट ;

86 कि.मी., 400 केवी, डीसी/ ट्रांसमिशन लाईन (सीपीटीसी-जेवी)

निर्माणाधीन

4

1572 मेगावाट

निर्माण पूर्व एवं

निवेश अनुमोदनाधीन

4

1

1848 मेगावाट ;

217 कि.मी., 400 केवी, डी/सी अरुण-3 एचईपी संबद्ध  ट्रांसमिशन  प्रणाली

अन्‍वेषणाधीन

3

598 मेगावाट

 

 

16

2

6021.2 मेगावाट;

303 कि.मी. 400 डी/सी केवी ट्रांसमिशन लाईन

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

इन परियोजनाओं की मुख्‍य विशेषताएं निम्‍नवत हैं:

प्रचालन एवं अनुरक्षणाधीन परियोजनाएं:

1)   1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्‍टेशन (एनजेएचपीएस) भारत में सबसे बड़ा भूमिगत जलविद्युत स्‍टेशन है जो हिमाचल प्रदेश में सतलुज नदी पर स्थित है और मई,2004 से प्रचालनाधीन है I नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्‍टेशन (एनजेएचपीएस) की डिजाईन एनर्जी प्रति वर्ष 6612 मिलियन यूनिट है, लेकिन गुणवत्‍ता युक्‍त प्रबंधन के साथ-साथ संयंत्र के कुशल प्रचालन और अनुरक्षण के बलबूते पर एनजेएचपीएस ने उत्‍तरोत्‍तर डिजाईन एनर्जी से बढ़कर निष्‍पादन किया है I एनजेएचपीएस न केवल नवीनत्‍तम प्रौद्यो‍गिकी से लैस है बल्कि इसके पास चुनौतिपूर्ण हिमालयी भूवैज्ञानिक स्थितियों से निपट सकने की भी जानकारी  है I  इसने किसी भी परिमाण की जलविद्युत परियोजनाओं की संकल्‍पना, ईष्‍टत्‍तमीकरण और विकास कर सकने की जरूरी जानकारी और अनुभव हासिल कर लिया है I  नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्‍टेशन ने विद्युत मंत्रालय द्वारा दिए गए लक्ष्‍यों से हमेशा बेहतर निष्‍पादन किया है और जलविद्युत क्षेत्र में लगातार नए मुकाम कायम कर रहा है I 

उपर्युक्‍त विद्युत उत्‍पादन उपलब्धियां मशीनों की हार्ड कोटिंग को अपनाकर, सतलुज नदी में सिल्‍ट की भारी मात्रा की समस्‍या को हल करके, जलाश्‍य फ्लशिंग और इनटेक पर ब्‍लैंकिंग पैनलों को लगाने जैसे अन्‍य नवोन्‍मेषी उपाय लागू करके संभव हुई हैं I  परियोजना स्‍थल परआधुनिकतम ''हार्ड कोटिंग सुविधा'' स्‍थापित है जो आंतरिक रूप से प्रचालित की जा रही है और नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्‍टेशन साईट पर इस प्रौद्योगिकी का उपयोग करने वाला देश का पहला जलविद्युत स्‍टेशन है I

 

2)   412 मेगावाट रामपुर जलविद्युत स्‍टेशनरामपुर जलविद्युत स्‍टेशन एसजेवीएन की दूसरी प्रचालनाधीन जलविद्युत परियोजना है जो हिमाचल प्रदेश में सतलुज नदी पर स्थित है I यह नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्‍टेशन का टेलरेस विकास है जिसे नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्‍टेशन के साथ अग्रानुक्रम में कैस्‍केड संयंत्र प्रचालन के रूप में डिजाईन किया गया है I  नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्‍टेशन द्वारा उत्‍पादन के पश्‍चात छोड़े गए सिल्‍ट रहित पानी को सीधे इसके टेल पॉड से विद्युत उत्‍पादन के लिए रामपुर इनटेक में डाला जाता हैI परियोजना की डिजाईन एनर्जी क्षमता 1878.08 मिलियन यूनिट है I  वर्ष 2014 में इसकी कमीशनिंग के पश्‍चात रामपुर जलविद्युत स्‍टेशन ने देश में ऐसी गिनी चुनी जलविद्युत इकाईयों में से एक इकाई होने की अनूठी अद्वितीयता हासिल कर ली है जिसने अपने प्रचालन के पहले ही साल में अपनी डिजाईन एनर्जी हासिल कर ली और यह उत्‍कृष्‍ट निष्‍पादन निरंतर जारी है I  

 

3)   47.6 मेगावाट खिरवीरे पवन विद्युत स्‍टेशनएसजेवीएन ने 47.6 मेगावाट क्षमता की अपनी पहली पवन विद्युत परियोजना निर्मित की है जो अहमदनगर, महाराष्‍ट्र में स्थि‍त है I यह परियोजना प्रत्‍येक 0.85 केडब्‍ल्‍यू क्षमता के 56 पवन विद्युत जनरेटरों (डब्‍ल्‍यूईजी) से युक्‍त है और इसकी डिजाईन एनर्जी 85.65 मिलियन यूनिट है I यह परियोजना 2014 में चालू की गई है तथा परियोजना से महाराष्‍ट्र राज्‍य ग्रिड में 47.6 मेगावाट क्षमतागत वृदि्ध हुई है I

 

 

4)   5.6 मेगावाट चारंका सौर विद्युत स्‍टेशन (सीएसपीपी) एसजेवीएन ने गुजरात के चारंका सौर पार्क में स्थित अपनी पहली 5.6 मेगावाट चरंका सौर विद्युत स्‍टेशन का पहला सौर संयंत्र मार्च,2017 में चालू कियाI 8 मिलियन यूनिट की डिजाईन एनर्जी के साथ यह परियोजना नवीकरणीय ऊर्जा प्रमाण-पत्र तंत्र के अधीन विकसित की गई है I सीएसपीपी के लिए गुजरात ऊर्जा विकास लिमिटेड के साथ 25 वर्षों की अवधि के लिए बिजली खरीद करार किया गया है I

 

5)   400 केवी, डी/सी क्रॉस बार्डर ट्रांसमिशन लाईन- 400 केवी, डी/सी मुजफ्फरपुर-ढालकेबार भारत-नेपाल क्रॉस बार्डर विद्युत ट्रांसमिशन लाईन परियोजना के मुजफ्फरपुर-सुरसंद विद्युत ट्रांसमिशन लाईन के भारतीय हिस्‍से (सीपीटीसी) का कार्य पूरा कर लिया गया है और फरवरी,2016 से प्रचालनाधीन है I  नेपाल (पीटीसीएन) तथा भारत (सीपीटीसी) के दोनों हिस्‍सों से युक्‍त समूची विद्युत ट्रांसमिशनलाईन को भारत और नेपाल के माननीय प्रधानमंत्रि‍यों द्वारा 20 फरवरी,2016 को राष्‍ट्रों को समर्पित किया गयाI वर्तमान में आकस्मिक व्‍यवस्‍था के रूप में स्‍थापित 220/132 केवी, 100 एमवीए ट्रांसफार्मर के जरिए भारत से नेपाल को 145 मेगावाट बिजली की आपूर्त‍ि की जा रही है I

 

निर्माणाधीन परियोजनाएं:

1)   50 मेगावाट साडला पवन विद्युत परियोजना 50 मेगावाट की स्‍थापित क्षमता वाली साडला पवन विद्युत परियोजना गुजरात में स्थित है I यह परियोजना प्रत्‍येक 2 मेगावाट क्षमता के 25 पवन विद्युत जनरेटरों से युक्‍त है जिनमें से पहले ही उन्‍नीस को चालू किया जा चुका है I गुजरात ऊर्जा विकास निगम लि. (जीयूवीएनएल) के साथ 38 मेगावाट के लिए पीपीए साईन हो चुका है I  यह परियोजना निर्माण की अग्रिमावस्‍था में है और संभावित रूप से वित्‍तीय वर्ष 2018-19 के दौरान चालू कर दी जाएगी I

 

2)   900 मेगावाट अरुण-3 जलविद्युत परियोजनाएसजेवीएन अरुण-3 जलविद्युत परियोजना का निर्माण एसजेवीएन के पूर्ण स्‍वामित्‍व वाली कंपनी अरुण-3 पावर डेवल्‍पमेंट कंपनी (एसएपीडीसी) द्वारा किया जा रहा है I 900 मेगावाट की उत्‍पादन क्षमता की यह रन ऑफ द रिवर परियोजना निर्यातोन्‍मुखी है जो के साथ पूर्वी नेपाल के सांखुवासभा जिले में अरुण नदी पर स्थित है I  इस परियोजना में हर साल 3924 मिलियन यूनिट विद्युत उत्‍पादन कर सकने की संभाव्‍यता  है I  इस परियोजना से विद्युत निकासी के लिए विद्युत निकास प्रणाली नेपाल में डिडिंग (परियोजना क्षेत्र) से ढालकेबार (नेपाल सीमा) तक 217 कि.मी. लंबी 400 केवी, डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाईन की स्‍थापना से युक्‍त है I  भारत सरकार ने मई, 2015 मूल्‍य स्‍तर पर 5723.72 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत पर परियोजना के उत्‍पादक घटक के लिए निवेशगत मंजूरी दे दी है I

भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी तथा नेपाल के माननीय प्रधानमंत्री श्री के. पी. शर्मा ओली ने 900 मेगावाट अरुण-3 जलविद्युत परियोजना की संयुक्‍त रूप से आधारशिला काठमांडू में 11 मई, 2018 को रखी I मुख्‍य सिविल पैकेज, हाईड्रो-मैकेनिकल पैकेज तथा इलेक्‍ट्रो-मैकेनिकल पैकेजों को अवार्ड किया जा चुका है तथा एप्प्रोच सड़कों और पुलों का निर्माण कार्य प्रगति पर है I  

 

3)   600 मेगावाट खोलोंग्‍चू जलविद्युत परियोजना खोलोंग्‍चू जलविद्युत परियोजना भूटान में खोलोंग्‍चू नदी पर स्थित है I सालाना 2569 मिलियन यूनिट बिजली का उत्‍पादन करने के लिए अभिकल्पित इस परियोजना का निर्माण एसजेवीएन एव्म ड्रक ग्रीन पावर कारपोरेशन (डीजीपीसी) भूटान के संयुक्‍त उपक्रम खोलोंग्‍चू हाइड्रो एनर्जी द्वारा किया जा रहा है I  भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने 16 जून,2016 को खोलोंग्‍चू जलविद्युत परियोजना की आधारशिला रखी I वर्तमान में परियोजना के विभिन्‍न संकार्य प्रगति पर हैंI

 

4)   60 मेगावाट नैटवाड़ मोरी जलविद्युत परियोजना नैटवाड़ मोरी जलविद्युत परियोजना उत्‍तरकाशी में यमुना नदी की एक मुख्‍य सहायक नदी टोंस नदी पर स्थित है I  यह परियोजना एक रन ऑफ द रिवर परियोजना के रूप में अभिकल्पित है और इसकी 265.5 मिलियन यूनिट ऊर्जा उत्‍पादन करने की संभावित क्षमता है I

माननीय केन्‍द्रीय ऊर्जा राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री आर.के.सिंह और उत्‍तराखंड के माननीय मुख्‍यमंत्री श्री त्रि‍वेन्‍द्र सिंह रावत ने इस परियोजना की आधारशिला रखी I परियोजना की पूर्णता अवधि 48 महीने है और सिविल कार्य पैकेज, हाईड्रो-मैकेनिकल पैकेज तथा इलेक्‍ट्रो-मैकेनिकल पैकेजों को अवार्ड किया जा चुका है I   निर्माण संबंधी गतिविधियां पूरे जोर से चल रही हैं I

 

 

 

 

निर्माण पूर्व एवं निवेश अनुमोदनाधीन परियोजना:

1)   1320 मेगावाट बक्‍सर ताप विद्युत परियोजना (बीटीपीपी) एसजेवीएन ने देश में ताप विद्युत संयंत्र के निर्माण में प्रवेश किया है I बिहार में 1320 मेगावाट बक्‍सर ताप विद्युत परियोजना के विकास के लिए एसजेवीएन के पूर्ण स्‍वामित्‍व वाली अधीनस्‍थ कंपनी एसजेवीएन थर्मल प्रा. लि. स्‍थापित की गई है I  बीटीपीपी में सालाना 9828 मिलियन यूनिट ऊर्जा के उत्‍पादन की संभाव्‍यता है और इसे सुपर क्रिटीकल प्रौद्योगिकी के अनुसार निर्मित किया जाएगा I

 

2)   252 मेगावाट देवसारी जलविद्युत परियोजनाउत्‍तराखंड में अलकनंदा नदी की एक मुख्‍य सहायक नदी पिंडर नदी पर स्थित 252 मेगावाट की प्रस्‍तावित स्‍थापित क्षमता की एक रन-ऑफ द रिवर किस्‍म की परियोजना है I 937 मिलियन यूनिट की डिजाईन एनर्जी वाली इस परियोजना के लिए चरण-Iवन मंजूरी पहले ही मिल चुकी है I 

 

3)   66 मेगावाट धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजना 66 मेगावाट की स्‍थापित क्षमता वाली धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजना हिमाचल प्रदेश में ब्‍यास नदी पर स्थित है I रन ऑफ द रिवर परियोजना के रूप में संकल्पित और अभिकल्पिक धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजना की डिजाईन एनर्जी क्षमता 247 मिलियन यूनिट है I  भारत सरकार परियोजना हेतु पर्यावरण एवं वन मंजूरी दे चुकी है तथा भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है I

 

सर्वेक्षण एवं अन्वेषणधीन परियोजनाएं

1)   210 मेगावाट लूहरी जलविद्युत परियोजना (चरण-I) हिमाचल प्रदेश के शिमला एवं कुल्‍लू जिलों में नीरथ गांव के नजदीक सतलुज नदी पर स्थित 210 मेगावाट क्षमता की लूहरी जल विद्युत परियोजना चरण-I रन ऑफ द रिवर किस्‍म की परियोजना है I   इस परियोजना की सालाना विद्युत उत्‍पादन संभाव्‍यता 782.2 मिलियन यूनिट है I केंद्रिय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) ने जुलाई, 2017 के स्‍तर पर 1912.59 करोड़ रुपए की अनुमानित परियोजना लागत पर डीपीआर के लिए सहमति दे दी है I  पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने चरण-I  के लिए वन मंजूरी 19.09.2018 को दे दी है I

 

2)   172 मेगावाट लूहरी जलविद्युत परियोजना (चरण-II) हि.प्र. के शिमला, कुल्‍लू और मंडी जिलों में सैंज गांव के निकट स्थित लूहरी जलविद्युत परियोजना चरण-II की उत्‍पादन क्षमता 631.84 मिलियन यूनिट है I  पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने ईआईए/ईएमपी की टीओआर को मंजूरी दे दी है तथा भारत सरकार ने निर्माण पूर्व गतिविधियों के लिए निवेश मंजूरियां प्रदान कर दी है I  बांध स्‍थल पर नाला में ओवर बर्डन स्‍थापित करने के लिए भू-भौतिक सर्वेक्षण यानि भू-कंपीय अपवर्तन पूर्ण कर लिया गया है I

 

3)   382 मेगावाट सुन्‍नी डैम जलविद्युत परियोजना- हिमाचल प्रदेश के शिमला तथा मंडी जिलों में खैरा गांव के निकट स्थित 1382 मिलियन यूनिट ऊर्जा उत्‍पादन की संभाव्‍यता से युक्‍त लूहरी जलविद्युत परियोजना का तृतीय चरण सुन्‍नी डैम जलविद्युत परियोजना भी एक रन ऑफ द रिवर किस्‍म की परियोजना है I

 

4)   उत्‍तराखंड में 44 मेगावाट जाखोल सांकरी जलविद्युत परियोजना- 44 मेगावाट जाखोल सांकरी जलविद्युत परियोजना उत्‍तराखंड के उत्‍तरकाशी जिले में टोंस नदी की सहायक नदी सूपिन पर स्थित है I परियोजना को रन ऑफ रिवर परियोजना के रूप में डिजाईन किया गया है तथा प्रति वर्ष 166 मिलियन यूनिट विद्युत का उत्‍पादन करेगी I  परियोजना की निर्माण पूर्व गतिवि‍धियों के लिए निवेश अनुमोदन प्राप्‍त कर लिया गया है I

 

ट्रांसमिशन परियोजनाएं

 900 मेगावाट अरुण-3 परियोजना से बिजली की निकासी के लिए क्रॉस बार्डर अंर्तराज्‍यीय ट्रांसमिशन 400 केवी डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाईन नेपाल में 217 कि.मी. लंबी ट्रांसमिशन लाईन और भारतीय हिस्‍से में 86कि.मी. ट्रांसमिशन लाईन से युक्‍त कुल 303 कि.मी. लंबी है I ट्रांसमिशन लाईन (भारतीय हिस्‍सा) के संकार्य विनियमित टैरिफ तंत्र (आरटीएम) के तहत निर्मित किए जा रहे हैं I  इसके अलावा 217 कि.मी. ट्रांसमिशन लाईन (नेपाल हिस्‍सा) के संकार्य एसएपीडीसी द्वारा निर्मित किए जा रहे हैंI  इसके लिए अरुण-3 एचईपी से संबद्ध ट्रांसमिशनप्रणाली के लिए एसजेवीएन तथा पावर ग्रिड के बीच ''परियोजना प्रबंधन परामर्श सेवाएं''के लिए एक करार अनुबंध साईन किया गया है I

 

 

प्रचालनात्‍मक उत्‍कृष्‍टताः

प्रचालनात्‍मक मुहाने पर एसजेवीएन के प्रचालनाधीन विद्युत स्‍टेशनों नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्‍टेशन(एनजेएचपीएस),रामपुर जलविद्युत स्‍टेशन(आरएचपीएस), खिरवीरे पवन विद्युत स्‍टेशन,चरंका सौर विद्युत स्‍टेशन ने सर्वोत्‍तम रेटिंग के लिए 8950 एमओयू के लक्ष्‍य तथा 8584 मिलियन यूनिट संचित डिजाईन एनर्जी की तुलना में संचित रूप से 9280 मिलियन यूनिट का उत्‍पादन किया है I  हमारे सर्वोत्‍कृष्‍ट नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्‍टेशन ने एक के बाद एक मुकाम कायम करते हुए 02 दिसंबर,2017 को संचित रूप से 1,00,000 मिलियन यूनिट विद्युत उत्‍पादन का आंकड़ा पार कर लिया है I  यह उपलब्धि एसजेवीएन की प्रचालन एवं अनुरक्षण टीम की सक्षमता और अथक प्रयासों की साक्षी हैI  सतलुज नदी में पर्याप्‍त जल प्रवाह रहने के साथ कुशल सिल्‍ट प्रबंधन और मशीन अनुरक्षण अवधि के ईष्‍टतमीकरण के बलबूते पर एसजेवीएन एनजेएचपीएस और आरएचपीएस दोनों में डिजाईन एनर्जी के बराबर या अधिक बिजली का उत्‍पादन करने में सफल रहा है I  पिछले पांच वर्षों का विद्युत उत्‍पादन रिकार्ड निम्‍नवत हैः 

क्र.सं

वर्ष

एमओयू लक्ष्‍य (मि.यू.)

वास्‍तविक विद्युत उत्‍पादन (मि.यू.)

1

2013-14

6930

7193

2

2014-15

7920

8136

3

2015-16

8520

9346

4

2016-17

8700

9045

5

2017-18

8950

9280

6

2018-19

 

9200

6145

(25.09.18 तक)

कंपनी को इसके अपवादात्‍मक प्रचालनात्‍मक, वित्‍तीय तथा सांगठनिक निष्‍पादन के लिए पिछले कई वर्षों से लगातार "सर्वोत्‍तम/अति उत्‍तम" की रेटिंग मिली है I

वित्‍तीय सुदृढ़ता

वर्तमान में कंपनी की अभिदत्‍त और अधिकृत शेयर पूंजी क्रमशः 3,929.80 करोड़ रुपए तथा 7,000 करोड़ रुपए है I वर्तमान नेटवर्थ 10,694.71 करोड़ रुपए है I कंपनी की वित्‍तीय स्थिति और निष्‍पादन निरंतर रूप से मजबूत बना हुआ है  वित्‍तीय वर्ष 2017-18 के दौरान प्रचालनगत आय 2230 करोड़ रुपए तथा कर उपरांत लाभ 1225करोड़ रुपए है I पिछले 5 वर्ष के दौरान एसजेवीएन का वित्‍तीय निष्‍पादन निम्‍नवत हैः

 (रुपए करोड़ में)

क्र.सं

विवरण

2013-14

14-15

15-16

16-17

17-18

1

प्रचालन से राजस्‍व

1873.58

2817.53

2493.96

2679.31

2229.97

2

कर पश्‍चात लाभ

1114.63

1676.75

1407.34

1544.14

1224.88

3

प्रदत्‍त लाभांश

405.39

434.35

455.03

1137.57

864.56

 

कारपोरेट सामाजिक दायित्‍व एवं सततशील विकास

एक दायित्‍वपूर्ण कारपोरेट संगठन होने के नाते एसजेवीएन अपनी परियोजनाओं के ईर्द-गिर्द के रहवासी समुदाय के कल्‍याणार्थ भरसक प्रयास कर रहा है I कंपनी ने एक सुज्ञापित कारपोरेट सामाजिक दायित्‍व एवं सततशीलता नीति तैयार एवं अंगीकृत की है जो कंपनी अधिनियम 2013 के अनुरूप है Iसीएसआर तथा सततशीलता कार्यक्रम 'एसजेवीएन फाऊंडेशन' के जरिए अमल में लाए जाते हैं I सीएसआर तथा सततशीलता के केन्‍द्र में निम्‍नवत विषय हैं :

·               स्वास्थ्य और सफ़ाई

       शिक्षा और कौशल विकास

         बुनियादी ढांचागत और सामुदायिक विकास

       सततशीलता विकास

       प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सहायता

       संस्कृति, धरोहर और खेलों का संरक्षण एवं बढ़ावा देना

कंपनी मामलों के मंत्रालय में उपलब्‍ध आंकड़ों के अनुसार 5097 कंपनियों (निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र) में से सीएसआर बजट व्‍यय के हिसाब से एसजेवीएन का स्‍थान55वां है I

एसजेवीएन द्वारा शुरू किए गए मुख्‍य सीएसआर कार्यक्रम निम्‍नवत है:

·         चार राज्‍यों हि.प्र., उत्‍तराखंड,बिहार एवं महाराष्‍ट्र में ''सतलुज संजीवनी सेवा'' के तहत 14 मोबाईल मेडिकल यूनिटें सेवारत हैं जिनके जरिए मुफ्त दवाईयां और परामर्श दिया जा रहा है I

·         महिला तथा बाल विकास योजना के अंतर्गत बीपीएल महिलाओं को प्रसव पूर्व और प्रस्‍वोत्‍तर देखभाल पोषक खाद्य पदार्थों साबुन तथा अन्‍य साफ सफाई संबंधी मदों के अतिरि‍क्‍त दी जाती  है I

·         भारत सरकार के''दक्ष भारत की पहल'' के साथ-साथ किसानों की आमदनी दुगनी करने के राष्‍ट्रीय अभियान के अंतर्गत लगभग 1500 किसानों को प्रशिक्षित किया गया I

·         हर साल 1500 स्‍थानीय युवाओं को विशेषीकृत एजेंसियों के जरिए एक से तीन महीनों का दक्षता विकास प्रशिक्षण दिया जाता है I  हर साल सरकारी आईटीआई में 150 स्‍थानीय युवाओं को प्रायोजित किया जाता है I

·         एसजेवीएन की एसजेवीएन रजत जयंती मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत हर साल 250 मेधावी छात्रों को उच्‍च अध्‍ययन कर सकने के लिए वजीफे दिए जाते हैं I

·         परियेाजना क्षेत्र में और इसके ईर्द-गिर्द के क्षेत्रों में अस्‍पतालों, पशु-औषधालय, पहुंच सड़कों, ग्रामीण रास्‍तों, स्‍कूली अवसंरचनाओं, पेयजल सुविधाओं, सामुदायिक भवनों, पंचायत घरों, महिला मंडलों,बस अड्डों, शमशान घरों इत्‍यादि जैसी सामुदायिक परिसंपत्तियों का निर्माण किया जाता है I

·         स्‍वच्‍छ भारत मिशन के तहत शौचालयों, अवशिष्‍ट उपचार संयंत्र, कूड़ादान लगाने,जागरूकता अभियानों इत्‍यादि जैसी परियोजनाएं हाथ में ली जाती हैं I   

सम्‍मान एवं पुरस्‍कार

 एसजेवीएन को इसकी उत्‍कृष्‍टता के सम्‍मान स्‍वरूप अनेक राष्‍ट्रीय/अंतर्राष्‍ट्रीय अवार्ड तथा प्रशस्तियां प्रदान की गई हैं I  इनमें से कुछ निम्‍नवत हैं:

i.              एसजेवीएन को नेपाल में अरुण-3 जलविद्युत परियोजना के ''कारोबार एक्‍सीलेंस अवार्ड 2018-कारोबार बेस्‍ट इनिशिएटिव डेवल्‍पमेंट प्रोजेक्‍ट '' पुरस्‍कार से नवाजा गया है I

ii.             एसजेवीएन को वर्ष 2017-18 के लिए राजभाषा के प्रभावी क्रियान्‍वयन हेतु ''राजभाषा कीर्ति पुरस्‍कार'' प्रदान किया गया हैI

iii.            एसजेवीएन को 10वें सीआईडीसी विश्‍वकर्मा अवार्ड-2018 के दौरान सामाजिक विकास एवं प्रभावार्थ ''अचीवमेंट अवार्ड 2018'' तथा ''पार्टनर्स इन प्रोग्रेस ट्रॉफी'' प्रदान की गई है I  यह पुरस्‍कार निर्माण उद्योग विकास परिषद द्वारा दिया गया है I

iv.            एसजेवीएन को वर्ल्‍ड सीएसआर कांग्रेस मुंबई द्वारा स्‍वास्‍थ्‍य के प्रति संवेदनशीलता की श्रेणी में ग्‍लोबल सीएसआर एक्‍सीलेंस एंड लीडरशिप अवार्ड से नवाजा गया है I

v.             एसजेवीएन को एक नाम देश के नाम, नई दिल्‍ली द्वारा सर्वोत्‍तम नैगम सामाजिक दायित्‍व व्‍यवहार्थ ''एमिनेंट अवार्ड'' प्रदान कि‍या गया है I

vi.            एसजेवीएन को हैल्‍पएज इंडिया द्वारा अपनी कई सीएसआर पहलों में एक स्‍वास्‍थ्‍य देखरेख के क्षेत्र में उम्‍दा योगदानार्थ ''सिल्‍वर प्‍लेट अवार्ड'' से सम्‍मानित किया गया है I

vii.           एसजेवीएन को इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईपीपीएआई) द्वारा ''सर्वोत्‍तम जल विद्युत उत्‍पादक'' के लिए विजेता ट्रॉफी से सम्‍मानित किया गया है I  एसजेवीएन को यह प्रतिष्‍ठ‍ित पुरस्‍कार जलविद्युत स्‍टेशनों के प्रचालन एवं अनुरक्षण के क्षेत्र में इसके उम्‍दा निष्‍पादनार्थ दिया गया है I

 

30 वर्षों के अपने अस्तित्‍व में एसजेवीएन ने एक एकल परियोजना के निर्माणार्थ गठित विशेष उद्देश्‍य इकाई से अपना कायाकल्‍प करके स्‍वयं को एक विविधीकृत विद्युत कंपनी के रूप में स्‍थापित कर लिया है जिसकी मौजूदगी भारत के साथ-साथ इसके पड़ोसी देशों में भी है I  एसजेवीएन ने हमेशा अपने विज़न को पूरा करने की कोशिश की है जो यह है कि एसजेवीएन भारतीय विद्युत क्षेत्र की सर्वोत्‍तम कंपनी बने जिसकी किफायती और सततशील बिजली का उत्‍पादन करने के लिए विश्‍वभर में प्रशंसा हो I

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