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भारत के सबसे बड़े 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्‍टेशन ने 100 बिलियन यूनिट का विद्युत उत्‍पादन पूरा किया

फरवरी 22, 2019

शिमला – 22 फरवरी,2019

सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम एसजेवीएन लिमिटेड के हिमाचल प्रदेश में सर्वोत्‍कृष्‍ट देश के सबसे बडे नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्‍टेशन ने संचित रूप से 100 बिलियन यूनिट का उत्‍पादन करके आज एक ऐतिहासिक उपलब्‍धि‍ हासिल कीI

कंपनी केअध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री नन्‍द लाल शर्मा ने बताया कि यह पावर स्‍टेशन एक 90% विश्‍वसनीय वर्ष में हर साल 6612 मिलियन यूनिट बिजली का उत्‍पादन करने के लिए डिजाईन किया गया है और यह लगातार 100 प्रतिशत प्‍लांट उपलब्‍धता फैक्‍टर से ज्‍यादा ऑपरेट करता रहा है तथा हर साल डिजाईन कैपिसिटी से ज्‍यादा का बिजली उत्‍पादन कर रहा हैI उन्‍होंने बताया कि अधिकतम सालाना विद्युत उत्‍पादन वित्‍तीय वर्ष 2011-12 के दौरान हुआ था जो 7610 मिलियन यूनिट थाI

विश्‍व बैंक द्वारा''सिविल इंजीनियरिंग का चमत्‍कार'' माने गए इस विद्युत स्‍टेशन को वर्ष 2004 में पूर्णतः चालू किया गया थाI श्री शर्मा ने सूचित किया कि यह विद्युत स्‍टेशन विश्‍व में कई अद्वि‍तीय विशेषताओं से युक्‍त है और इसके सफल निर्माण और प्रचालन ने देश में विस्‍तार, विविधीकरण और कारोबारी तरक्‍की के कई नए दरवाजे खोल दिए हैं I उन्‍होंने बताया कि इस विद्युत स्‍टेशन में विश्‍व के सबसे बड़े डिसिल्टिंग चैम्‍बर (प्रत्‍येक चार 525 मी.लंबेx 27.5 मी. गहरे x16.31 मी. चौड़े), सबसे लंबी में से एक 27.39 कि.मी. लंबी सुरंग, सबसे गहरे में से एक 301 मी. गहरा सर्जशॉफ्ट तथा सबसे बड़े में से एक भूमिगत विद्युत गृह परिसर है I

सन 2004 में व्‍यावसायिक प्रचालनों को शुरू करने के बाद इस विद्युत स्‍टेशन द्वारा कमाए गए अभूतपूर्व लाभ के बारे में श्री शर्मा ने बताया कि इस 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्‍टेशन का निर्माण 8187 करोड़ रुपए की लागत से किया गया हैऔर बीते वर्षों में इसने इतना राजस्‍व अर्जन किया है कि न केवल शेयरधारकों का धन वापिस लौटा दिया है बल्कि कंपनी की आगामी परियोजनाओं का भी वित्‍त पोषण कर रहा हैI उन्‍होंने बताया कि इससे होने वाली कमाई से न केवल कंपनी की नेटवर्थ में भारी बढ़ोत्‍तरी हुई है, जो आज की तारीख में 10695 करोड़ रुपए है, बल्कि इसकी आरक्षित पूंजी बढ़कर 6764.91 करोड़ रुपए हो गई है I श्री शर्मा ने बताया कि इस आमदनी के बल पर कंपनी ने शेयरधारकों को भी काफी अच्‍छा लाभ दिया हैI मुख्‍य शेयरधारकों भारत सरकार को 3081.6 करोड़ रुपए के निवेश पर कुल 3889.4 करोड़ रुपए तथा 26.85% इक्विटीधारक हिमाचल प्रदेश सरकार को इसके 1055 करोड़ रुपए के निवेश पर कुल 1485.06 करोड़ रुपए का कुल लाभांश अदा किया जा चुका है I कंपनी जिसका आईपीओ 2010 में सार्वजनिक हुआ था, आम शेयरधारकों को भी काफी आकर्षक लाभांश अदा करती आ रही हैI

इस अवसर पर कंपनी के कर्मचारियों को बधाई देते हुए श्री नंदलाल शर्मा ने 100 बिलियन यूनिट विद्युत उत्‍पादन को एक ऐतिहासिक अवसर तथा न केवल एसजेवीएन बल्कि देश के जलविद्युत क्षेत्र के इतिहास में एक ''स्‍वर्णिम दिन'' बतायाI एसजेवीएन की इस शानदार उपलब्धि ने संपूर्ण विद्युत क्षेत्र के लिए आने वाले समय में एक अनूठी मिसाल कायम की हैI

सन 2003 से हरियाणा, पंजाब, जम्‍मू एवं कश्‍मीर, उत्‍तराखंड, उत्‍तर प्रदेश, दिल्‍ली, राजस्‍थान, चंडीगढ़ तथा हिमाचल प्रदेश राज्‍यों को बेशकीमती विद्युत की आपूर्त‍ि करते आ रहे इस विद्युत स्‍टेशन ने लाखों घरों को जगमगाया है, हजारों उद्योगों और ट्यूबबैलों को ऊर्जाचालित किया है और उत्‍तरी क्षेत्र के राज्‍यों में समृदि्ध के नए अध्‍यायों का सूत्रपात किया हैI

श्री नन्‍द लाल शर्मा ने बताया कि आज की तारीख में हिमाचल प्रदेश में कुल 1912 मेगावाट के दो जलविद्युत स्‍टेशन, महाराष्‍ट्र और गुजरात में 100 मेगावाट क्षमता की दो पवन विद्युत परियोजनाएं और गुजरात में 5 मेगावाट क्षमता का एक सौर विद्युत संयंत्र और इसके अलावा भारत नेपाल सीमा पर एक विद्युत ट्रांसमिशन लाईन को आप्रेट कर रहा हैI उन्‍होंने बताया कि कंपनी कुल 4798 मेगावाट क्षमता की 12 विद्युत परियोजनाओं के निर्माण में लगी है जो निर्माण की विभिन्‍न अवस्‍थाओं में हैI

नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्‍टेशन ने वित्‍तीय एवं विद्युत उत्‍पादन के परिप्रेक्ष में न केवल लाभग्राही राज्‍यों में औद्योगिक कृषि तथा व्‍यावसायिक निवेशों की झड़ी लगा दी है बल्कि दूरस्‍थ झाकड़ी को विश्‍व मानचित्र पर ला दिया है और परियोजना के ईर्द-गिर्द के हजारों लोगों के जीवन का कायाकल्‍प कर दिया हैI गुणवत्‍तायुक्‍त शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल तथा सामुदायिक विकास गतिविधियों की उपलब्‍धता ने उनके जीवन में रोजगार सृजन, दक्षता विकास तथा सामाजिक उत्‍थान के साथ एक नए युग का सूत्रपात किया हैI
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