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एसजेवीएन की 900 मेगावाट अरुण-3 जलविद्युत परियोजना के लिए फाइनेंशियल क्लोजर प्राप्‍त किया गया

फरवरी 06, 2020

एसजेवीएन की 900 मेगावाट अरुण-3 जलविद्युत परियोजना के लिए फाइनेंशियल क्लोजर प्राप्‍त किया गया

शिमला06/02/2020

 

एसजेवीएन की 900 मेगावाट अरुण -3 जलविद्युत परियोजना के लिए फाइनेंशियल क्लोजर आज प्राप्त कर लिया गया है ।  बैंकों के साथ 6333.48 करोड़ भारतीय रुपए (10134 करोड़ नेपाली रुपए) का कुल ऋण टाईअप किया गया है जिसमें 1420.86 करोड़ भारतीय रुपए (2274 करोड़ नेपाली रुपए) (क्रेडिट की स्‍टैंड बाई लाईन,यदि आवश्यक हो) शामिल है। भारतीय बैंकों का ऋण भाग 5374 करोड़ भारतीय रुपए (8600 करोड़ नेपाली रुपए) तथा 960 करोड़ भारतीय रुपए (1536 करोड़ नेपाली रुपए) ऋण भाग की प्रतिबद्धता नेपाली बैंकों द्वारा दी गई है।  एसएपीडीसी प्रबंधन ने परियोजना निर्माण के लिए ऋण आहरण से पहले अग्रिम इक्विटी का उपयोग करने का निर्णय लिया है । फाइनेंशियल क्लोजर परियोजना का एक चरण है, जब फाइनेंसरों द्वारा फण्‍ड की प्रारंभिक उपलब्धता से पहले एक वित्तपोषण समझौते की सभी शर्तें पूरी होती हैं।

 

इस अवसर पर, एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक तथा एसएपीडीसी के अध्यक्ष श्री नंद लाल शर्मा ने कहा कि कंपनी नेपाल में अगले पांच वर्षों में लगभग 6959 करोड़ भारतीय रुपए (11,134 करोड़ नेपाली रुपए) का निवेश करेगी। नेपाल सरकार को परियोजना सौंपने तक लगभग 21126 करोड़ भारतीय रुपए (33,866 करोड़ नेपाली रुपए) के कुल वित्तीय लाभ होने का अनुमान है। फाइनेंशियल क्लोजर के लिए आयोजित कार्यक्रम में निदेशक (विद्युत), श्री. आर.के. बंसल, निदेशक (कार्मिक), श्रीमती गीता कपूर, निदेशक (वित्त), श्री ए.के. सिंह, मुख्य महाप्रबंधक, श्री सुरेश ठाकुर तथा एसएपीडीसी के सीईओ, श्री अरुण धीमान सहित एसजेवीएन और एसएपीडीसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

परियोजना के लिए फाइनेंशियल क्लोजर संरचित ऋण के रूप में 70% फण्‍ड की प्राप्ति सुनिश्चित करेगा, जबकि शेष 30% एसजेवीएन से प्रत्यक्ष इक्विटी होगी । आज की तारीख तक, लगभग 875 करोड़ भारतीय रुपए (1400 करोड़ नेपाली रुपए) का निवेश किया जा चुका है।

 

उन्होंने आगे बताया कि परियोजना स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने, स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने तथा उद्यमशीलता को बढ़ावा देने, सड़कों और पुलों जैसे ढांचागत विकास और स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं एवं सामुदायिक केंद्रों आदि को वित्तीय सहायता प्रदान करके सामाजिक-आर्थिक विकास में मदद कर रही है। स्थानीय लोगों की मदद के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण एवं कार्यक्रम कार्यान्वित किए जा रहे हैं।

श्री नंद लाल शर्मा ने नेपाल सरकार, विशेष रूप से माननीय प्रधानमंत्री, श्री के.पी. शर्मा ओली के प्रति उनके निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।  उन्होंने भारत सरकार, भारतीय दूतावास, नेपाल के निवेश बोर्ड, नेपाल सरकार के अन्य मंत्रालयों तथा परियोजना के क्षेत्र एवं इसके आसपास के स्थानीय निवासियों को उनके सहयोग एवं सहायता के लिए भी आभार व्‍यक्‍त किया ।

 

उन्होंने आगे बताया कि नेपाल सरकार  द्वारा अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मक बोली के माध्यम से एसजेवीएन लिमिटेड को अरुण – 3 जलविद्युत परियोजना अवार्ड की गई थी ।  इस परियोजना को बूट(BOOT) आधार पर निष्पादि‍त करने के लिए नेपाल सरकार के साथ समझौता ज्ञापन  पर 02 मार्च, 2008 को हस्ताक्षर किए गए । तदनुसार, नेपाली कंपनी अधिनियम 2063 के तहत एक प्राईवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में दिनांक 25 अप्रैल, 2013 को एसजेवीएन अरुण-3 पावर डेवल्‍पमेंट कंपनी लिमिटेड (एसएपीडीसी) को स्‍थापित तथा पंजीकृत किया गया । परियोजना के निष्पादन के लिए एसएपीडीसी तथा नेपाल के निवेश बोर्ड (आईबीएन) के बीच  25 नवंबर, 2014 को परियेाजना निर्माण करार (पीडीए) पर हस्ताक्षर किए गए।

 

सभी मुख्‍य संकार्यों यथा परियोजना के सिविल, हाइड्रो-मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रो-मैकेनिकल संकार्यों को अप्रैल, 2018 तक अवार्ड कर दिया गया था । परियोजना की आधारशिला संयुक्त रूप से भारत के माननीय प्रधानमंत्री तथा नेपाल के माननीय प्रधानमंत्री द्वारा दिनांक 11 मई, 2018 को रखी गई I  परियोजना की निर्माण गतिविधियाँ तीव्र गति से चल रही हैं।

 

श्री शर्मा ने आगे बताया कि एसजेवीएन ने नवीकरणीय ऊर्जा, विद्युत ट्रांसमिशन तथा ताप विद्युत के क्षेत्र में भी प्रवेश किया है और 2023 तक 5000 मेगावाट, 2030 तक 12000 मेगावाट तथा वर्ष 2040 तक 250000  मेगावाट की स्थापित क्षमता के आंतरिक विकास लक्ष्यों की परिकल्पना की है।

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